मार्मिक शब्द एवं सोचने वाली बातें 

मार्मिक शब्द एवं सोचने वाली बातें


अभी कुछ दिन पहले वह भी एक समय था जब इंसान अनेकों प्रकार के जानवरों को अपने पिंजरे में रखकर इंसान आजादी से घूमता था और उस जानवर को हर रोज बारी-बारी से मारकर खा जाता था
और जनाब आज यह भी एक दिन है की आज अपनी ही गलती की वजह से इंसान खुद पिंजरे में आ गया है और जानवर बेहिचक पूरी आजादी से बाहर घूम रहे हैं
इसी को कहते हैं प्रकृति के साथ खिलवाड़,, प्रकृति के साथ खिलवाड़ अच्छा नहीं होता है जानवर मार कर के  खाने वाल चीज नहीं है अभी भी बहुत समय है  आप सभी  मनुष्य  संभल जाइए 

ई.नीलकमल मिश्रा
प्रदेश अध्यक्ष
उत्तर प्रदेश
राष्ट्रीय युवा हिन्दू वाहिनी